चिप्स अब और छोटे हो सकते हैं
दुनिया भर के वैज्ञानिक एक नई चुनौती सुलझाने में लगे थे: कंप्यूटर चिप्स के अंदर ट्रांजिस्टर अब इतने छोटे हो चुके हैं कि दो अलग मटीरियल के बीच एक "अदृश्य गैप" बन जाता है, जिससे चिप कमज़ोर पड़ जाता है।
ताइवान की National Yang Ming Chiao Tung University और TSMC के रिसर्चर्स ने इस गैप को 0.42 नैनोमीटर तक कंट्रोल करने का तरीका ढूंढ लिया है — ये एक इंसान के बाल से भी 2 लाख गुना छोटा है।
ये ज़रूरी क्यों है?
- छोटा ट्रांजिस्टर = मोबाइल/लैपटॉप तेज़ और कम बैटरी में चलेगा
- 2D मटीरियल्स (सिलिकॉन से भी पतले) का इस्तेमाल आगे बढ़ेगा
- अगली पीढ़ी की चिप्स बनाने का रास्ता खुलेगा